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वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन


विश्व व्यपार संगठन यानी वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन एक स्वतंत्र निकाय है। इसकी स्थापना GATE (Genral Agreement on Tariffs and Trade) की आठवी वार्ता के फलस्वरूप 1 जनवरी 1995 को हुई थी। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में है। इस अंतरराष्ट्रीय संगठन में 164 सदस्य देश शामिल हैं। वर्तमान में इस संगठन के महानिदेशक पास्कल लेमी है।

कार्य

1 वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन वैश्विक स्तर पर स्थापित व्यापार समझौतों की निगरानी करता है।
2 व्यापार को लेकर झगड़ रहे देशों के बीच सुलह समझौता कराने का काम करता है।
3 विकासशील देशों के लिए नई तकनीक और उनको कैसे उपयोग में लाना है, उसके लिए प्रशिक्षण मुहैया करवाता है।
4 व्यापारकर्ता देशों के बीच टैरीफ नीतियों की देख रेख करता है।
5 व्यापार समझौते को लेकर अक्सर नई नई नीतियां बनाता है।
6 आई.एम.एफ (IMF) और वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने का काम करता है।

स्थापना का उद्देश्य

1 देशों के बीच व्यापारिक भागीदारी को बढाना।
2 अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मतभेद को कम करना।
3 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के बीच व्यापार के नए आयामों के मार्ग प्रशस्त करना।
4 निष्पक्ष और न्यायोचित व्यापार को बढ़ावा देना।
5 व्यापारिक देशों को एक मंच पर लाकर व्यापारिक नीतियां बनाना।

वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट

1 यह विश्व व्यपार रिपोर्ट (World Trade Report) और विश्व व्यपार सांख्यिकी रिपोर्ट (World Trade Statistic Report) करता है

भारत और विश्व व्यापार संगठन 

बात अगर भारत और विश्व व्यपार संगठन के रिश्तों की करें तो भारत इसके संस्थापक सदस्य देशों में से एक था। भारत के रिश्ते डब्लूटीओ के साथ हमेशा उतार चढ़ाव भरे रहें हैं। कई मर्तबा डब्लूटीओ में भारत को विभिन्न प्रकार के बड़े मुद्दों पर घेरने की कोशिश की गयी है। वहीं कई मर्तबा भारत ने दूसरे विकसित देशों को अस्पष्ट व्यापारिक नीति के मूद्दो पर घेरा है।

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