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यू.एन.ओ ( संयुक्त राष्ट्र संघ )

संयुक्त-राष्ट्र-संघ
संयुक्त राष्ट्र संघ का चिन्ह

संयुक्त राष्ट्र संघ एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात 24 अक्टूबर 1945 को हुई। यह मूलतः प्रथम विश्व युद्ध के समय निर्मित लीग आव नेशंस के उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित किया गया था। सेन फ्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर पर 50 देशों ने हस्ताक्षर किए, बाद में पोलैंड भी हस्ताक्षर करके इसमें शामिल हो गया। इस प्रकार इसके मूल संंस्थापक सदस्य 51 थे। 2006 तक इसके 192 सदस्य थे। इसके बाद 11 जुलाई 2011 को साउथ सूडान भी इसमें जुड़ गया। तदस्वरूप इसके सदस्य देशों की संख्या 193 हो गई। वर्तमान में भी यही संख्या है। इसका मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क शहर में है। संयुक्त राष्ट्र संघ के पहले महासचिव नार्वे के ट्राइग्व ली थे। वर्तमान में एंटोनियो गुट्रेस यूएनओ के नौवें महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। इसकी 6 अधिकारिक भाषाएं अरबी, चीनी, फ्रेंच , स्पेनिश, अंग्रेजी और रूसी है।


संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य

यूएनओ के चार्टर यानी प्रयोजन के अनुसार इसके मुख्य उद्देश्य है -

1. अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना ।

2. राष्ट्रों के बीच मित्रतापूर्ण संबंध विकसित करना ।

3. अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान में सहयोग करना ।

4. मानवाधिकारों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना ‌।

5. राष्टों की कार्यवाहियों के मध्यम सामंजस्य स्थापित करना ।

6 . अंतरराष्ट्रीय झगड़ों को रोकना और सदस्य देशों के बीच परस्पर  सहयोग को बढ़ाना।


 यूएनओ के प्रमुख अंग

संयुक्त राष्ट्र संघ का लक्ष्य अपने सदस्य देशों के लिए कार्य करना और आपसी सहयोग बनाना है।  इसके अलग - अलग अंग विभिन्न समस्याओं के निपटारे और समाधान के  लिए काम करते हैं। यूएनओ के छः अंगों के रूप में महासभा , सुरक्षा परिषद , आर्थिक और सामाजिक परिषद , सचिवालय , अंतरराष्ट्रीय न्यायालय एवं न्यासिता परिषद शामिल है।

1. महासभा या आमसभा -  इस महासभा को संयुक्त राष्ट्र संघ की संसद भी कहा जाता है। इसमें यूएनओ के सभी सदस्य देशों (193) का प्रतिनिधि शामिल होता हैं। इन सभी देशों को वोट देने के लिए एक-समान मत भी दिए गए हैं। इस महासभा में प्रमुख निर्णय पास कराने के लिए दो तिहाई और बाकी में सामान्य बहुमत की आवश्यकता होती है।  आमसभा में वैश्विक महत्ता के विषय और मुद्दों पर प्रमुखता से विचार विमर्श  किया जाता है। इसमें ही सुरक्षा परिषद के 10 अस्थायी सदस्यों का चुनाव किया भी किया जाता है।

2. सुरक्षा परिषद - इसमें कुल 15 सदस्यों की संख्या होती  है। जिसमें 5 स्थायी सदस्य और 10 अस्थायी सदस्य होते हैैं। स्थायी सदस्यों में चीन , फ्रांस , रूस , ब्रिटेन और अमेरिका है।इन सदस्य देशों के पास वीटो ( निषेधाधिकार) की पावर है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ये पांच  देश सबसे शक्तिशाली और युद्ध विजेता रहे इसीलिए इन्हें सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया गया है। 10 अस्थायी सदस्यो  का चुनाव प्रत्येक दो वर्ष के बाद किया जाता है। सुरक्षा परिषद का कार्य  युद्ध विराम के निर्देश जारी करना, शांति सेना भेजना, आर्थिक प्रतिबंध लगाना, हथियारों पर रोक , वित्तीय दंण्ड, राजनायिक संबंध तोड़ना, नाकाबंदी करना , सामूहिक सैन्य कार्रवाई आदि करना है।

3. आर्थिक और सामाजिक परिषद -  इस परिषद में आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरण और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा एवं विचार विमर्श किया जाता है। सभी भौगौलिक क्षेत्रों को देखते हुए इसमें 54 सदस्य प्रतिनिधित्व करतें हैं।

4. सचिवालय - इसका प्रमुख महासचिव होता है। यह अन्य संगठनों के काम काज के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्टाफ के रूप में होता है।

5. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय -  यह संयुक्त राष्ट्र का प्रधान अंग माना जाता है। इसमें 15 न्यायधीशों की नियुक्ति 9 वर्षों के कार्यकाल के लिए की जाती  है। इसका मुख्यालय नीदरलैंड के हेग में स्थित है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार सदस्य देशों में विवादित विषयों को सुलझाता व निर्णय सुनाया है।

6. न्यासिता परिषद - यह परिषद अंतिम ट्रस्ट टेरीटरी पलाउ के आजाद होने के साथ ही 1994 से स्थगित कर दी गई।

संयुक्त राष्ट्र संघ की शाखाएं

यूएनओ की की शाखाएं इससे स्वंतत्र होकर कार्य करतीं है। जिनमें से कुछ नीचे दी गई है।

FAO  ( खाद्य एवं कृषि संगठन )

IAEA ( अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन )

ICAO ( अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन )

IFAO (  अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष )

ILO ( अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ )

IMO ( अंतरराष्ट्रीय सागरीय संगठन )

IMF ( अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष )

UNESCO ( संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन )

UNICEF ( संयुक्त राष्ट्र बाल कोष )

WB ( विश्व बैंक )

WTO  (विश्व व्यापार संगठन )

UNHR ( संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग )

संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत

30 अक्टूबर 1945 को भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य के रूप में इससे  जुड़ गया। भारत हमेशा से संयुक्त राष्ट्र संघ के कामकाज में सहयोग की भूमिका में दृढ़तापूर्वक कार्य करता है तथा इसके वैश्विक भाईचारे, शांति और विकास के उद्देश्य की सराहना करता है। यूएनओ के बजट में भारत 24वां बड़ा योगदानकर्ता देश है।  1965 में यूएनओ के सुरक्षा परिषद के सदस्य संख्या 11 से बढ़ाकर 15 कर दी गई किंतु स्थायी सदस्यों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया।भारत का मत है कि  बदलते समय और परिवेश के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ में कुछ प्रमुख बदलाव होने चाहिए। भारत जापान , जर्मनी और ब्राजील की तरह ही संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थायी सदस्यता पाने का दावेदार है। जिसमें कुछ देश अपना अड़ंगा लगा देते हैं। हालांकि भारत यूएनओ में 1950 से 51, 1967 से 68 , 1972 से 73, 1977 से 78,1984 से 85, 1991से 92 और 2011से 12 में अस्थायी सदस्य रह चुका है और इस साल भी उसका चुनाव अस्थायी सदस्य के तौर पर हुआ है। जिसको मिलाकर देखा जाए तो भारत आठवीं बार सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है।

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